
कोरबा | नगर निगम से दो जीवित ग्रामीणों के नाम पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद निगम की शिकायत पर पुलिस ने रामशरण और अनिल कुमार के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के भोला राम और रामरतन के नाम से 5 फरवरी 2003 को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए थे। दस्तावेजों में दोनों की मृत्यु क्रमशः 12 जून 1997 और 2 मई 1997 दर्शाई गई थी। बाद में जीवित ग्रामीणों को अपने नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने की जानकारी मिली।
जांच में पता चला कि प्रमाण पत्र कोरबा नगर निगम से जारी हुए थे, जबकि तहसील में इससे संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। मामले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





