
कोरबा: शहर के इतवारी बाजार में मेमन बंधुओं द्वारा संचालित बताई जा रही एक कबाड़ दुकान इन दिनों चर्चा में है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यहां बड़े पैमाने पर लोहे और तांबे के कबाड़ की खरीद-फरोख्त होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि इतवारी बाजार में कबाड़ की दुकान मेमन भाइयों में से बड़े भाई द्वारा संचालित की जा रही है, जबकि छोटे भाई ने बुधवारी बाईपास रोड पर अपनी अलग कबाड़ की दुकान संचालित कर रखी है। बाईपास रोड स्थित छोटे भाई की दुकान को लेकर भी पूर्व में पुलिस कार्रवाई होने की जानकारी सामने आई थी।
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान एक वाहन को पुलिस द्वारा चौकी ले जाया गया था और उक्त वाहन के अभी भी चौकी में खड़े होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
इधर, इतवारी बाजार स्थित बड़े भाई की दुकान को लेकर भी स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं हैं। सूत्रों का दावा है कि खदान क्षेत्रों से निकलने वाले लोहे और तांबे के कबाड़ को कुछ महिला मजदूरों के माध्यम से शहर तक लाकर कबाड़ दुकानों में पहुंचाया जाता है।
बताया जा रहा है कि सुबह खदान क्षेत्र की ओर जाने के बाद दोपहर में शहर लौटकर कबाड़ दुकान तक माल पहुंचाने की गतिविधियां होती हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
लगातार चोरी की शिकायतों के बीच कबाड़ कारोबार में खरीदे जा रहे लोहे और तांबे के स्रोत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खरीदे गए माल का रिकॉर्ड, माल बेचने वालों की पहचान और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कारोबार में किसी तरह की अनियमितता है या नहीं।
फिलहाल सामने आई जानकारी सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं पर आधारित है। किसी व्यक्ति या दुकान को चोरी के माल की खरीद-फरोख्त का दोषी ठहराना जांच के बिना उचित नहीं होगा। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।






