खबर चलने और प्रशासन तक मामला पहुंचने के बाद भी नहीं थमा अवैध उत्खनन, ताजा फोटो में नदी में नजर आ रहे वाहन

कोरबा: बरहमपुर रेत घाट में कथित अवैध रेत उत्खनन को लेकर खबर सामने आने और शहर में चर्चा के बाद भी गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आज फिर हसदेव नदी के बरहमपुर घाट में दर्जनों गाड़ियों के उतरने की तस्वीरें सामने आई हैं। ताजा फोटो में नदी क्षेत्र में वाहनों की मौजूदगी साफ दिखाई दे रही है।

मामला अब इसलिए भी गंभीर हो गया है क्योंकि बरहमपुर घाट में रेत उत्खनन को लेकर पहले ही खबर प्रकाशित हो चुकी है। खबर के बाद इसकी जानकारी प्रशासन और संबंधित विभाग तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। इसके बावजूद यदि आज फिर नदी में बड़ी संख्या में वाहन पहुंच रहे हैं तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
खबर के बाद भी नहीं थमा खेल
स्थानीय स्तर पर बरहमपुर रेत घाट में कथित अवैध उत्खनन को लेकर लगातार चर्चा है। अब ताजा तस्वीरों ने एक बार फिर प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अगर प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी है और इसके बावजूद वाहन नदी में पहुंच रहे हैं, तो क्या जिम्मेदार विभाग मौके पर जाकर जांच करेगा? या फिर वाहन इसी तरह नदी से रेत निकालकर लौटते रहेंगे?
क्या सेटिंग या मिलीभगत का खेल?
सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि आखिर कार्रवाई में देरी क्यों? क्या विभागीय स्तर पर निगरानी में कमी है, या फिर किसी तरह की मिलीभगत/सेटिंग की वजह से कार्रवाई नहीं हो पा रही है?
हालांकि, सेटिंग या मिलीभगत के आरोपों की पुष्टि जांच के बिना नहीं की जा सकती। लेकिन लगातार सामने आ रही तस्वीरों और नदी में वाहनों की मौजूदगी ने इस सवाल को जरूर गंभीर बना दिया है।
अब आज होगी कार्रवाई?
बरहमपुर घाट की ताजा तस्वीर सामने आने के बाद अब निगाहें खनिज विभाग और प्रशासन पर हैं। क्या अधिकारी मौके पर पहुंचकर वाहनों की जांच करेंगे? क्या अवैध उत्खनन पाए जाने पर वाहन जब्त होंगे? या फिर आज भी मामला सिर्फ शिकायत और जांच तक सीमित रहेगा?
खबर प्रकाशित होने के बाद भी अगर दर्जनों वाहन दोबारा नदी में उतर रहे हैं, तो अब सवाल सिर्फ रेत उत्खनन का नहीं, बल्कि प्रशासन की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था का भी है।
ताजा फोटो सामने है—अब देखना है कि प्रशासन इसे देखकर मौके पर पहुंचता है या नहीं।






